बहुत गहरा मेसेज

पप्‍पू: कहो तो एक जरूरी बात बताऊं।

राजू: हां बताओ न।

पप्‍पू: कभी भी घर में ‘खाना तैयार है’ की पहली आवाज पर मत उठो।

राजू: क्‍यों?

पप्‍पू: क्‍योंकि वह आवाज आपको पानी भरकर लाने और प्‍लेट लगाने के लिए बुलाने के लिए होती है।

शिवेंद्र, जोधपुर

जब शादी में पहुंच गया पप्पू

शादी में जाओ तो लोग कहते हैं,
खाना खाकर जाना…
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उन्हें कौन समझाए कि हम खाना ही तो खाने आए हैं।

पप्पू, मुंबई

Sabse Pehle New Year

Hum Aapke Dil Mein Rehte Hain,
Har Dard Aapka Sehte Hain,
Koi Humse Pehle Wish Na Kar De Isliye,
Ye Hum Aapko Happy New Year Kehte Hain…

भारत और विदेश में फनी अंतर

अगर किसी चालाक महिला के बारे में बताना हो तो…

– विदेश में: She is very talented.

– भारत में: फलाने की बहू ऐसी है
कि सबको बेच खाए।

विक्रम, कानपुर

Maa Ka Pyar Hindi Shayari

Jannat Ka Har Lamha Deedar Kiya Tha,
God Mein Uthakar Jab Maa Ne Pyar Kiya Tha …

Kisi Ki Yaad Sad Shayari

किसी की याद दिल में आज भी है,
वो भूल गए मगर हमें प्यार आज भी है

हम खुश रहने की कोशिश तो करते हैं मगर
अकेले में आंसू बहते आज भी हैं …

Hamari friyad New Year Shayari

Ya khushbu ya bahar, tumko mile yah sab uphar,
Aasman Ke Chand aur sitare ine sab se Karo tum singar,
Tum khush raho abad raho khushiyon ki Ho aisi jhankar,
Hamari aisi dua he hajar khushiyon se Bhar jaaye daman tumhara,
Yahi hai Dil se hamari fariyad

प्यार में पप्पू को पड़ी मार

अरे मुझसे प्यार ना था तो बता ही देती पगली….
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पंचायत भवन के पीछे बुलाकर
पिटवाने का क्या मतलब था?

पप्पू, रायपुर

प्याज के छिलके

रामू- थोड़े प्याज के छिलके चाहिए,

होटल मैनेजर- छिलकों का क्या करोगे?

रामू- लड़की वाले देखने आ रहे हैं, बाहर डस्टबिन में डालूंगा,

होटल मैनेजर- बेहोश।

विनोद, बरेली

Zindagi – Javed Akhtar Ghazal

शायरी नेटवर्क पेश करते हैं एक महान शायर जावेद अख़्तर साहब द्वारा लिखी ग़ज़ल इस ज़िन्दगी के नाम, कृपा अपने विचार और कमेंट जरूर साँझे कीजिये।
Shayari Network presents a great Ghazal written by a great Indian poet Javed Akhtar Sahab upon the life, please share your thoughts and comment.

Ghazal…

Bahana Dhundhte Rehte Hain Koi Rone Ka,

Humein Yeh Shauq Hai Kya Aasteen Bhigone Ka

Agar Palak Per Hai Moti To Ye Nhi Kaafi
Hunar Bhi Chahiye Alfaaz Mein Pirone Ka

Jo Fasal Khwab Ki Taiyaar Hai To Yeh Jaano
Ki Waqt Aa Gya Fir Dard Koi Bone Ka

Yeh Zindagi Bhi Ajab Karobaar Hai
Ki Mujhe Khushi Hai Paane Ki Koi Na Ranj Khone Ka

Hai Chaknachoor Magar Fir Bhi Muskurata Hai
Voh Chehra Jaise Ho Toote Huye Khiline Ka…

– Javed Akhtar


Hindi Script

बहाना ढूँढ़ते रहते हैं कोई रोने का
हमें ये शौक़ है क्या आस्तीन भिगोने का

अगर पलक पर है मोती तो ये नहीं काफ़ी
हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का

जो फ़सल ख्वाब की तैयार है तो ये जानो
की वक़्त आ गया फिर दर्द कोई बोने का

ये ज़िन्दगी भी अजब कारोबार है
की मुझे ख़ुशी है पाने की कोई न रंज खोने का

है चकनाचूर मगर फिर भी मुस्कुराता है
वो चेहरा जैसे हो टूटे हुए खिलौने का

– जावेद अख़्तर

Sirf Tumhare Shayari

Humein Seene Sey Lagaakar Humaari Saari Kasak Door Kar Do,
Hum Sirf Tumhare Ho Jayein Humeun Itna Majboor Kar Do…

हमें सीने से लगाकर हमारी सारी कसक दूर कर दो,
हम सिर्फ तुम्हारे हो जाऐ हमें इतना मजबूर कर दो।

Zindagi – Javed Akhtar Ghazal

शायरी नेटवर्क पेश करते हैं एक महान शायर जावेद अख़्तर साहब द्वारा लिखी ग़ज़ल इस ज़िन्दगी के नाम, कृपा अपने विचार और कमेंट जरूर साँझे कीजिये।
Shayari Network presents a great Ghazal written by a great Indian poet Javed Akhtar Sahab upon the life, please share your thoughts and comment.

Ghazal…

Bahana Dhundhte Rehte Hain Koi Rone Ka,

Humein Yeh Shauq Hai Kya Aasteen Bhigone Ka

Agar Palak Per Hai Moti To Ye Nhi Kaafi
Hunar Bhi Chahiye Alfaaz Mein Pirone Ka

Jo Fasal Khwab Ki Taiyaar Hai To Yeh Jaano
Ki Waqt Aa Gya Fir Dard Koi Bone Ka

Yeh Zindagi Bhi Ajab Karobaar Hai
Ki Mujhe Khushi Hai Paane Ki Koi Na Ranj Khone Ka

Hai Chaknachoor Magar Fir Bhi Muskurata Hai
Voh Chehra Jaise Ho Toote Huye Khiline Ka…

– Javed Akhtar


Hindi Script

बहाना ढूँढ़ते रहते हैं कोई रोने का
हमें ये शौक़ है क्या आस्तीन भिगोने का

अगर पलक पर है मोती तो ये नहीं काफ़ी
हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का

जो फ़सल ख्वाब की तैयार है तो ये जानो
की वक़्त आ गया फिर दर्द कोई बोने का

ये ज़िन्दगी भी अजब कारोबार है
की मुझे ख़ुशी है पाने की कोई न रंज खोने का

है चकनाचूर मगर फिर भी मुस्कुराता है
वो चेहरा जैसे हो टूटे हुए खिलौने का

– जावेद अख़्तर

पेन और बैंक का मजेदार संबंध

पहले मैं पेन लेकर बैंक जाता था और
बिना पेन के वापस आता था…
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अब मैं बिना पेन के बैंक जाता हूं और वापस पेन लेकर आता हूं।

पप्पू, दिल्ली

Pyar Mohabbat Very Sad Love Shayari

Dil Mein Yaar Ka Raj Hua Karta Tha,
Pyar Karne Ka Alag Andaaz Hua Karta Tha,
Jab Tak Dil Ko Mere Thokar Nahi Lagi,
Mujhko Apni Mohabbat Par Naaz Hua Karta Tha …

Manjil Bhi Uski Thi

मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था,
एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था,
एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी,
और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था।