Meri Maa Shayari in Hindi
ठोकर न मार मुझे पत्थर नहीं हूँ मैं,
हैरत से न देख मुझे मंज़र नहीं हूँ मैं।
तेरी नज़रों में मेरी क़दर कुछ भी नहीं,
मगर मेरी माँ से पूछ उसके लिए क्या नहीं हूँ मैं?
- Maa Shayari
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ठोकर न मार मुझे पत्थर नहीं हूँ मैं,
हैरत से न देख मुझे मंज़र नहीं हूँ मैं।
तेरी नज़रों में मेरी क़दर कुछ भी नहीं,
मगर मेरी माँ से पूछ उसके लिए क्या नहीं हूँ मैं?